Mucormycosis ( black fungus) |
म्यूकोरमाइकोसिस (ब्लैक -फंगस ) |
- म्यूकोरमाइकोसिस (ब्लैक -फंगस ) क्या है ?
- म्यूकोरमाइकोसिस (ब्लैक -फंगस ) एक तरह का फंगस इन्फेक्शन कोरोना की दूसरी लहर में कोरोना मरीजों में ठीक होने के बाद पाया जा रही है |
- इस बीमारी में मरीज के आँखों एवं जबड़े में इन्फेक्शन होता है बढ़ जाने से मरीज़ की जान जा सकती है |
- इसके शुरुआती लक्षण आँखों एवं नाक के पास लालिमा एवं दर्द होती है साथ ही बुखार एवं खून की उलटी होती है |
2. म्यूकोरमाइकोसिस (ब्लैक -फंगस ) के लक्षण ?
- आँखों एवं नाक पास लालिमा व् चेहरे तरफ सूजन
- बुख़ार
- सिरदर्द
- खाँसी
- सांस लेने में तकलीफ़ और दर्द
- खून भरी उलटी आना
- मानसिक स्तिथि बदलाव आना
3. म्यूकोरमाइकोसिस (ब्लैक -फंगस ) कैसे होता है ?
- वातावरण में कवक बीजाणुओं के संपर्क में आने से लोगों को म्यूकोरमाइकोसिस (ब्लैक -फंगस ) हो जाता है |
- उदहारण के लिए संक्रमण के फेफड़े या साइनस के रूप में किसी को हवा से बीजाणु के बाद हो सकता है | कवक के माध्यम से त्वचा में संक्रमण सकता है | जो त्वचा में खरोच , जलन या अन्य प्रकार की चोटों के माध्यम से प्रवेश कर सकता है |
- म्यूकोरमाइकोसिस (ब्लैक -फंगस ) लोगो के बीच या लोगों एवं जानवरों के बीच नहीं फैल सकता है |
4. म्यूकोरमाइकोसिस (ब्लैक -फंगस ) से कैसे बचे ?
- शुगर को कन्ट्रोल में रखे |
- कोरोना के इलाज एवं हॉस्पिटल से डिस्चार्ज होने के बाद भी ब्लड शुगर लेबल की जाँच करते रहे |
- स्टेरॉइड्स का ज्यादा उपयोग डॉक्टर की सलाह से ही ले |
- ऑक्सीजन थेरपी के दौरान साफ एवं स्टेराइल किये गए पानी को प्रयोग में लाए |
- एंटीबायोटिक एवं ऐंटीफंगस दवाइयों का उपयोग सावधानी से करें |
- धुल मिटटी वाली जगह पैर जाने से बचे |
- N95 फेस मास्क पहने |
5. क्या न करें ?
- किसी भी तरह के अलर्ट को नज़रअंदाज न करे |
- यदि आपको कोरोना से संक्रमित होकर ठीक हुए है तो बंद नाक को महज जुखाम मानकर हलके में न ले |
- फंगस इन्फेक्शन को लेकर टेस्ट करने में देरी न करें |
#Mucormycosis |
#black fungus |
INFORMATION BY :-
Department of Community Medicine
Govt. Medical College Haldwani , Nanital
