भारत में कोविड-19 निःशुल्क टीकाकरण (वक्सीनेशन ) सभी को |
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| भारत में कोविड-19 निःशुल्क टीकाकरण |
भारत के प्रधानमंत्री एवं केंद्र सरकार के दख़ल के बाद सरकार ने ये निर्णय लिया की भारत में सभी को कोविड-19 निःशुल्क (टीकाकरण) वक्सीनेशन किया जायेगा 21 जून 2021 से साथ-साथ ये भी कहाँ हैं | कोविड-19 टीकाकरण के उत्पादन करने वाली सभी कंपनियों को 75 % हिस्सा सरकार को देना होगा एवं 25 % हिस्सा वो सीधा निज़ी अस्पतालों को दे सकते हैं | ये इसलिए क्योंकि जो व्यक्ति निःशुल्क टीकाकरण नहीं कराना चाहता हैं वो प्राइवेट हॉस्पिटल्स में केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित मूल्य से अधिक मूल्य नहीं लेंगे | उसके अलावा 150 रुपया सेवा शुल्क (सर्विस चार्ज ) लेंगे मात्र जिसमें 5 % जी एस टी अतिरिक्त होगा | जिसकी निगरानी सुनिश्चित करने का कार्य राज्य सरकार का होगा |
केंद्र सरकार द्वारा निजी अस्पतालों में जो कोविड-19 के टीकाकरण अधिकतम मूल्य निर्धारित किया गया है |
टीकों का नाम | |
1-कोविशिल्ड | 780/- |
2-कोवैक्सिन | 1410/- |
3-स्पुतनिक वी | 1145/- |
कोविड-19 के टीकाकरण के सम्बन्ध में संशोधित दिशा निर्देश के मुख्य बिंदु |
- केंद्र सरकार द्वारा राज्य सरकारों को मुफ़्त में उपलब्ध कराये जाने वाले टीके में प्राथमिकता स्वास्थ्य कार्यकर्ता 45 वर्ष से ऊपर के फ्रोंटलाइन वर्कर्स एवं नागरिक होंगे |
- राज्य सरकार अपने क्षेत्र की आपूर्ति में फैक्टरिंग को अपनी प्राथमिकता के आधार पर तय कर सकते हैं।
- टीके का आबंटन राज्यों को उनकी जनसँख्या ,कोविड-19 की स्तिथि टीकाकरण की प्रगति के आधार पर सुनिचित की जायेगी |
- राज्यों में टिके की बर्बादी का उसके आबंटन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा |
- सरकार राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को आपूर्ति की जाने वाली वैक्सीन की खुराक की अग्रिम जानकारी प्रदान करेगी। इसी तरह राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों को जिलों और टीकाकरण केंद्रों को अग्रिम रूप से खुराक आवंटित करनी चाहिए। वे जिला एवं टीकाकरण केन्द्र स्तर पर उपरोक्त उपलब्धता की सूचना भी सार्वजनिक करें।
- वैक्सीन निर्माताओं द्वारा उत्पादन को प्रोत्साहित करने और नए टीकों को प्रोत्साहित करने के लिए, घरेलू वैक्सीन निर्माताओं को भी निजी अस्पतालों को सीधे टीके उपलब्ध कराने का विकल्प दिया जाता है। यह उनके मासिक उत्पादन के 25% तक सीमित होगा। राज्य/संघ राज्य क्षेत्र बड़े और छोटे निजी अस्पतालों और क्षेत्रीय संतुलन के बीच समान वितरण को ध्यान में रखते हुए निजी अस्पतालों की मांग को एकत्रित करेंगे। इस समग्र मांग के आधार पर, भारत सरकार निजी अस्पतालों को इन टीकों की आपूर्ति और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफॉर्म के माध्यम से उनके भुगतान की सुविधा प्रदान करेगी। इससे छोटे और दूर के निजी अस्पतालों को टीकों की समय पर आपूर्ति, और न्यायसंगत पहुंच और क्षेत्रीय संतुलन प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
- निजी अस्पतालों के लिए टीके की खुराक की कीमत प्रत्येक वैक्सीन निर्माता द्वारा घोषित की जाएगी, और बाद में होने वाले किसी भी बदलाव को अग्रिम रूप से अधिसूचित किया जाएगा। निजी अस्पताल सेवा शुल्क के रूप में प्रति खुराक अधिकतम ₹150 तक चार्ज कर सकता है।
- सभी नागरिक अपनी आय की स्थिति के बावजूद मुफ्त टीकाकरण के हकदार हैं।
- नागरिकों द्वारा पूर्व बुकिंग की सुविधा के लिए राज्य सामान्य सेवा केंद्रों और कॉल सेंटरों का बेहतर उपयोग कर सकते हैं।
- केंद्र की केंद्रीकृत मुफ्त टीकाकरण नीति 21 जून, अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस से शुरू होगी और सरकार 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी भारतीय नागरिकों को मुफ्त कोविड-19 वैक्सीन प्रदान करेगी। केंद्र पहले घोषित उदारीकृत योजना के तहत अब तक राज्यों के पास 25 प्रतिशत टीकाकरण को भी संभालेगा।

